मंगलयान के कक्षा विस्तार की तीसरी गतिविधि भी सफलतापूर्वक संपन्न
मंगलयान के मंगल तक पहुंचने के दौरान कक्षा
विस्तार के निमित्त होने वाली छह गतिविधियों में से तीसरी गतिविधि भी
शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इसके पहले गुरुवार को इसरो ने मंगलयान
के कक्षा विस्तार की पहली गतिविधि पूरी की थी और शुक्रवार तड़के 2.18 बजे
शुरू हुई कक्षा विस्तार की दूसरी गतिविधि पूरी की।
मंगलयान पर मौजूद मोटर को 707 सेकंड के लिए चालू किया गया और इस दौरान यान पृथ्वी से अधिकतम 71,636 किलोमीटर दूर पहुंच गया, जबकि इसके पहले उसका अधिकतम स्तर 40,186 किलोमीटर था। मंगलयान का अंतिम गतिविधि कार्यक्रम एक दिसंबर को होगा और मंगलयान को मंगल की ओर रवाना कर दिया जाएगा। इसके पहले गुरुवार को इसरो ने मंगलयान के कक्षा विस्तार की पहली गतिविधि पूरी की थी। गतिविधि के लिए कमांड, बेंगलुरू स्थित इसरो के टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) से जारी किए गए। इसरो ने मंगलयान को मंगलवार को पृथ्वी की कक्षा में छोड़ा था। यान को पृथ्वी की बाहरी अंडाकार कक्षा में पृथ्वी से निकटतम 242.4 किलोमीटर और अधिकतम 23,550 किलोमीटर पर स्थापित किया गया था, जो भूमध्यरेखा से 19.27 डिग्री पर था। अंतिम कक्षा विस्तार गतिविधि के दौरान मंगलयान को मंगल हस्तांतरण परिधि पर पहली दिसंबर को पहुंचाया जाएगा। इसरो के अनुसार, मंगलयान 300 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा के बाद सितंबर 2014 में मंगल ग्रह के पास तक पहुंच जाएगा। इसरो ने कहा है कि मंगलयान जब मंगल के पास पहुंच जाएगा तब यान के मोटर को फिर से चालू किया जाएगा, लेकिन इस बार की दिशा उलटी होगी, ताकि रफ्तार धीमी हो जाए और मंगल पर मौजूद गुरुत्वाकर्षण के जरिए वह मंगल के चारों ओर स्थित एक कक्षा में पहुंच जाए। इसरो के अनुसार, मंगलयान की सभी प्रणालियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं। देश के पहले मंगलयान मिशन पर लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत आई है।
मंगलयान पर मौजूद मोटर को 707 सेकंड के लिए चालू किया गया और इस दौरान यान पृथ्वी से अधिकतम 71,636 किलोमीटर दूर पहुंच गया, जबकि इसके पहले उसका अधिकतम स्तर 40,186 किलोमीटर था। मंगलयान का अंतिम गतिविधि कार्यक्रम एक दिसंबर को होगा और मंगलयान को मंगल की ओर रवाना कर दिया जाएगा। इसके पहले गुरुवार को इसरो ने मंगलयान के कक्षा विस्तार की पहली गतिविधि पूरी की थी। गतिविधि के लिए कमांड, बेंगलुरू स्थित इसरो के टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) से जारी किए गए। इसरो ने मंगलयान को मंगलवार को पृथ्वी की कक्षा में छोड़ा था। यान को पृथ्वी की बाहरी अंडाकार कक्षा में पृथ्वी से निकटतम 242.4 किलोमीटर और अधिकतम 23,550 किलोमीटर पर स्थापित किया गया था, जो भूमध्यरेखा से 19.27 डिग्री पर था। अंतिम कक्षा विस्तार गतिविधि के दौरान मंगलयान को मंगल हस्तांतरण परिधि पर पहली दिसंबर को पहुंचाया जाएगा। इसरो के अनुसार, मंगलयान 300 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा के बाद सितंबर 2014 में मंगल ग्रह के पास तक पहुंच जाएगा। इसरो ने कहा है कि मंगलयान जब मंगल के पास पहुंच जाएगा तब यान के मोटर को फिर से चालू किया जाएगा, लेकिन इस बार की दिशा उलटी होगी, ताकि रफ्तार धीमी हो जाए और मंगल पर मौजूद गुरुत्वाकर्षण के जरिए वह मंगल के चारों ओर स्थित एक कक्षा में पहुंच जाए। इसरो के अनुसार, मंगलयान की सभी प्रणालियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं। देश के पहले मंगलयान मिशन पर लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत आई है।
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